मराठा साम्राज्य शिवाजी का उत्कर्ष

मराठा साम्राज्य शिवाजी का उत्कर्ष

◆ शिवाजी का जन्म 20 अप्रेल, 1627 को महाराष्ट्र के शिवनेर नामक स्थान पर हुआ था।
◆ इनके पिता का नाम शाहजी भौंसले तथा माता का नाम जीजाबाई था।
◆ जीजाबाई देवगरी के निम्बालकर कुल की स्त्री थी।
◆ शिवाजी पर सबसे ज्यादा प्रभाव अपनी माता जीजाबाई का ही पड़ा।
◆ शाहजी भौसले ने जीजाबाई तथा शिवाजी को पूना की जागीर प्रदान की थी तथा दादा कोडदेव को इनका संरक्षक नियुक्त किया।

◆ सैन्य शिक्षा में दक्षता शिवाजी ने कोडदेव से ही प्राप्त की थी।
◆ शिवाजी पर आध्यात्मिक प्रभाव धारकारी सम्प्रदाय के समर्थ गुरू रामदास का पड़ा।
◆ 1640 मंे इनका विवाह सालबाई (साईबाई) से किया गया।
◆ शिवाजी ने सर्वप्रथम 1643 में सिंहगढ़ दुर्ग पर विजय प्राप्त की थी।
◆ 1646 में तोरण दुर्ग पर इसी वर्ष रायगढ़ दुर्ग का निर्माण कराया।
◆ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुरन्दर का दुर्ग 1648 मंे नीलोजी नीलकंठ से छीना।
◆ 1656 में लोहागढ़ दुर्ग को छीनकर इसे अपनी प्रथम राजधानी बनायी।
◆ इन विजयों से आशांकित होकर बीजापुर सुल्तान अली आदिलशाह ने शिवाजी के पिता शाहजी भौसले को गिरफ्तार कर लिया।

◆ शिवाजी ने शाहजहाँ के पुत्र मुराद के साथ मिलकर बीजापुर पर आक्रमण का नाटक किया, जिससे आदिशाल घबरा गया तथा शाहजी भौसले को मुक्त कर दिया।
◆ सितम्बर, 1659 का अली आदिलशाह ने अपने सेनापति अफजल खां को शिवाजी के विरूद्ध नियुक्त किया।
◆ अफजल खां ने कृष्णाजी भास्कर को दूत बनाकर शिवाजी शिवाजी के पास भेजा।
◆ कृष्णा जी ने अफजल खां के मन्तव्य से शिवाजी को अवगत करा दिया।
◆ 2 नवम्बर, 1659 को प्रतापगढ़ के जंगलों में शिवाजी ने बहानख नामक हथियार से अफजल खां का वध कर दिया।
◆ कोकण, कोल्हापुर, चाकन व पन्हाला के क्षेत्र शिवाजी ने विजीत कर लिये।
◆ आदिलशाह ने शिवाजी को एक स्वतंत्र शासक के रूप में मान्यता दे दी। बदले में शिवाजी ने भी चाकन व पन्हाला के दुर्ग आदिलशाह को लौटा दिये।
◆ 1660 में औरंगजेब ने अपने माँ शाइस्ता खां को दक्कन का सुबेदार नियुक्त किया।
◆ शाइस्ता खां ने कोकण, चाकन, पुरन्दर यहाँ तक की पुना पर भी कब्जा कर लिया।
◆ 15 अप्रेल, 1663 को शिवाजी वेश बदलकर 400 मराठा सैनिकों के साथ पुना नगर में दाखिल हुए तथा शाइस्ता खां पर हमला कर दिया।

◆ औरंगजेब ने शाइस्ता खां को बंगाल का सुबेदार बनाकर भेज दिया।
◆ उत्साहित शिवाजी ने 10 फरवरी, 1664 को मुगलों की व्यापारिक राजधानी कहलाने वाले सुरत नगर को लूटा।
◆ इस समय यहाँ स्थित अंग्रेजी बस्तियों का अध्यक्ष जाॅन आक्स इाइन था।
◆ यहाँ से कुल एक करोड़ की लूट की गई।
◆ इसके पश्चात् औरंगजेब ने जयपुर के राजा जयसिंह प्रथम को दक्कन की सुबेदारी सौपी तथा दिलेर खां के साथ शिवाजी के विरूद्ध भेजा।
◆ सर्वप्रथम जयसिंह प्रथम ने वज्रगढ़ के दुर्ग को 24 अप्रेल, 1665 को अधिकार किया।
◆ इसके पश्चात् मुरारजी बाजी से पुरन्दर का दुर्ग छीन लिया।
◆ इन कारणों से शिवाजी को जयसिंह प्रथम के साथ 22 जून, 1665 को पुरन्दर की सन्धि करनी पड़ी।
◆ इस सन्धि की शर्तो के अनुसार शिवाजी ने मुगलों को कुल 23 किले लौटाये जिनकी आय 4 लाख हूण प्रति दुर्ग थी।
◆ शिवाजी को भी मिर्जा राजा जससिंह ने 12 दुर्ग प्रदान किये जिनकी आय एक लाख हुण प्रति दुर्ग थी।
◆ शिवाजी के पुत्र शम्भा जी को शाही सेवा में भेजा गया तथा उन्हें 5 हजारी मनसब व शिवाजी को राजा की उपाधि दी गई।

◆ चाकन तथा बालाघाट पर शिवाजी का आधिपत्य माना गया।
◆ इन सन्धि की शर्तो के पश्चात मिर्जा राजा जयसिंह शिवाजी को लेकर आगरा पहुँचे।
◆ 9 मई, 1666 को मुगल दरबार में शिवाजी को निम्न श्रेणी के मनसबदारों में खड़ा किया गया।
◆ इस घटना से नाराज होकर शिवाजी ने विद्रोह कर भागने की कोशिश की।
◆ शिवाजी को मानसिंह प्रथम द्वारा निर्मित जयपुर भवन में कैद करके रखा गया।
◆ इस कैद से शिवाजी 13 अगस्त, 1666 को फरार हो गये तथा 22 सितम्बर, 1666 को महाराष्ट्र के रायगढ़ के दुर्ग पर कब्जा कर लिया।
◆ शिवाजी ने तानाजी मालसुरे से कोडाणा का दुर्ग जीता तथा उसका नाम सिंहगढ़ रखा।
◆ इसके पश्चात् 13 अक्टुबर, 1670 को शिवाजी ने दूसरी बार लूटा।
◆ इस समय इन्हें 60 लाख की प्राप्ति हुई।
◆ महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने शिवाजी को क्षेत्रिय मानने से इन्कार कर दिया था।
◆ इस वजह से 16 जून, 1674 को इन्होने रायगढ़ दुर्ग में काशी के प्रसिद्ध विद्वान गगाभट्ट (विश्वेश्वर मोहन भट्ट) से अपना राज्याभिषेक करवाया।
◆ इन्होने छत्रपति हैदव धर्मोद्वारक तथा गौ ब्राह्मण प्रतिपालक की उपाधियां धारण की।

◆ परन्तु 12 दिन पश्चात ही इनकी माता जीजाबाई के निधन की वजह से इन्होनें दूसरा राज्यभिषेक तांत्रिक विधि से सम्पादित करवाया।
◆ इन्होने वैल्लौर दुर्ग (कनटिक) पर कब्जा कर लिया तथा कुतुबशाह ने इन्हें संधि का प्रस्ताव भेजा व एक लाख हुण देना स्वीकार किया।
◆ शिवाजी ने सीमावर्ती क्षेत्र जीजी को अपनी दूसरी राजधानी बनाकर दरिया सारण के नेतृत्व में एक नौसेना जंजीरा टापू को जीतने के लिए भेजा।
◆ इन्होंने अब सीनियाई से भी युद्ध किया परन्तु शिवाजी कभी भी पुर्तगालियों को पराजित नहीं कर पाये।
◆ 14 अप्रेल, 1680 को 53 वर्ष की आयु में शिवाजी का निधन हो गया।

मौलिक अधिकार 

ब्रिटिश व उपनिवेशकालीन भारतीय अर्थव्यवस्था

महिला सशक्तिकरण 

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